जोइन्तरा गांव


             जोइन्तरा गॉंव का परिचय :  जोइन्तरा गॉंव जोधपुर जिले की बावड़ी तहसील का 500 -700 घरो की आबादी वाला पंचायत मुख्यालय  गॉंव हैं जिसका अपना रेवेनुए गॉंव कृष्ण नगर हैं. जोधपुर नागौर रोड पर 40 किलोमीटर दुरी पर बावड़ी तहसील से 6 किलोमीटर पूर्व में हैं जो की बावड़ी से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ हैं. जोइन्तरा गॉंव पंचायत मुख्यालय हैं. जोइन्तरा,स्वानतकुआ कला और खुर्द ,पातो  की बासनी,भटकोरिया, पांच गॉंव की पंचायत हैं. वर्तमान सरपंच भूतपूर्व सैनिक सूबेदार भंवर सिंह भाटी हैं.  जॉइंटरा गॉंव पाली संसदीय क्षेत्र में आता हैं. विधान सभा क्षेत्र भोपालगढ़ में आता हैं.खेड़ापा पुलिस थाना हैं

  जोइन्तरा गॉंव में सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं कॉलेज के लिए आगे की पढ़ाई जॉइंटरा के बच्चे जोधपुर,जयपुर और देश और राज्यों के अन्य कॉलेजो में पढ़ते हैं. 

मैं मोती सिंह राठौड  इस ब्लॉग का लेखक हूँ. मैं जोइन्तरा गॉंव का निवासी हूँ तथा मै  मुंबई और जोधपुर में भी रहता हूँ. मै  फिल्म लेखक और निर्देशक व् समाज सेवक के रूप में भी कार्य कर रहा हूँ.


जोइन्तरा गांव के सभी युवाओ और बुजर्गो को मेरा मोती सिंह राठौड़ की तरफ से जय माताजी की मालूम होवे।
    जोइन्तरा गांव आज भी आसपास के गॉंवों से काफी पिछड़ा हुआ हैं। आज अगर हम बिराई,बावड़ी,कास्टि स्वांतकुआ,पातो की बासनी और अन्य आसपास के गॉंवों के मुताबिक अगर अपने गांव को देखते हैं। तो जोइन्तरा आज काफी पिछड़ा हुआ हैं। कारण शिक्षा का अभाव।
   आज दुनिया 21 सदी में पहुच रही हैं। लेकिन जोइन्तरा गांव में आज भी गिने चुने सरकारी नॉकरी में हैं। जैसे आर्मी,पुलिस,अध्यापक या अन्य। लेकिन मात्र 15-20 लोगो के सरकारी नॉकरी में होने से गॉंव का कुछ विकास नही होगा।
   पहले भी सेना और पुलिस व छोटी मोटी नॉकरी में गॉंव के काफी लोग थे लेकिन उनका योगदान गॉंव के विकास में नगण्य ही रहा। ठीक हैं उनसभी की पर्सनल लाइफ थोड़ी ठीक रही हो लेकिन एक पीढ़ी आराम और ऐस से रही तो दूसरी पीढ़ी बेकार। कारण ये जरुरी नही की पीढ़ी दर पीढ़ी नॉकरी मिलती रहें
   ऐसे में अगर सही रूप से देखा जाए तो जोइन्तरा में स्थायी रोजगार नही हैं। 20-25 ट्यूब वेल हैं तो गांव में पानी की कमी और साल दर साल बढ़ते खर्चो में इन ट्यूबवेलों का सुखना। प्रतिवर्ष एक दो एक दो तुबे वेल का पानी खत्म हो जाता हैं।
 जमीन को ठीक करने से लेकर बिजली कनेक्शन व अन्य तैयारिया पूरी होती हैं तब तक ट्यूब वैल का पानी सूख जाता हैं। और किसानों पर अर्थात गांव वालों पर कर्ज चढ़ जाता हैं। रेवड़ अर्थात भेड़ और बकरियां हैं तो इनका पालन पोषण और रख रखाव नही हो पाता।
गांव में आज रोजगार के साधन क्या हैं आगे भविष्य में क्या होंगे। जमीन तो वही हैं और गांव की जनसंख्या बढ़ रही हैं। खर्चे बढ़ रहे हैं। इनकम और रोजगार के पुख्ता कोई संसाधन गांव में हैं नही। प्राकृतिक रूप से भी अगर देखा जाए तो गॉंव में कोई स्थायी रोजगार का हल नही हैं। नॉकरी करने वाले या तो समय नही दे पाते या उनके पारिवारिक खर्चे और जिम्मेवारियां इतनी और ऐसी होती हैं कि वो चाहते हुए भी कुछ नही कर सकते।
अब आज ले हालात के मुताबिक आगे प्रति परिवार जमीन कम पड़ रही हैं।। ऐसे में जोइन्तरा गांव के युवाओ और आने वाले समय मे क्या होगा। अगर वास्तव में गहराई से विकहर करे तो भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ जाती हैं।
जॉइंतरा गांव के लोग और युवाओ की चिंता अक्सर मुझे रहती हैं. भले में  बहुत बड़ा आदमी नहीं हूँ या मै बहुत बड़ा व्यवसायी नहीं हूँ लेकिन विचारो में चिंता आती ठीक हैं कुछ सरकारी नौकरी करने वाले भाई संतुस्ट और सक्षम हैं तो कोई बड़ी बात नहीं जब तक पूरा परिवार और गांव  संतुस्ट नहीं तब तक कोई मतलब नहीं।

गॉंव में रोजगार साधन
किराने की दुकाने
  जोइन्तरा गांव में नैन सिंह जी  सिसोदिया,सवाई सिंह जी भाटी,गणपत सिंह सिसोदिया,मधु सिंह भाटी,कृष्ण नगर में मालम  सिंह भाटी और अन्यो की किराने  अर्थात जनरल स्टोर दुकाने हैं.  एक शराब का ठेका हैं. पंचर व् अन्य जरुरी कार्यो के लिए सुमेर सिंह भाटी का ढाबा हैं,
नैन सिंह जी सिसोदिया जो की लम्बे समय से जॉइंटरा गॉंव में राशन की दुकान अर्थात कोटा चलते हैं यह भी गॉंव वालो के लिए एक अच्छी सेवा भी हैं.

ट्रेक्टर

कुछ लोगो के पास ट्रेक्टर का कार्य हैं जिससे जीवन यापन और रोजगार चलता हैं. ट्रेक्टर से कहती और टुबे वेलो पर वार्षिक खेती करके कमाई कर लेते हैं. ट्रेक्टर सामान लाने और लेजाने का काम भी कर देते हैं. खेती से लेकर जरुरी सामान की ढुलाई भी ट्रैक्टरो से हो जाती हैं. जिससे ट्रेक्टर से रोजगार मिल जाता हैं.

ट्यूबवेल

 गांव  में 20 - 25 ट्यूब वेल हैं जिससे गॉंव में खेती हो जाती हैं जिसमे सरसो जिसको रायड़ा,जीरा,अरंडी,कपास, गेंहू, व् वर्षा ऋतू में बाजारी,मुंग,मौठ व् अन्य धान  हो जाता हैं जिससे पुरे वर्ष भर खाने के लिए प्रयाप्त धान  हो जाता हैं.

 रेवड़
आज भी गॉंव और ढाणियां में 20-25 परिवारों के पास रेवड़ हैं. इन परिवारों का मुख्य रोजगार रेवड़ अर्थात भेड़  और बकरी पालन पर चलता हैं.  लेकिन लगातार पड़ते अकाल और कम पड़ती पारिवारिक जमीन के कारन रेवड़ रखना आज के समय आसान नहीं रहा. वर्षा ऋतू में  मुश्किल। इन रेवड़ रखे वालो को सरकरी सेवाओं व् भेड़  और उन्न पालन विभाग की तरफ से कोई सुविधा नहीं मिलती।

आर्मी या पुलिस ,अध्यापक या शुगर मील अन्य सरकारी सेवा
जोइन्तरा गॉंव से 30 - 35 लोग सेना पुलिस अध्यापक और अन्य सरकारी और गैर सरकारी नोकरियो में लगे हुए हैं. इन लोगो का परिवार नौकरी से चलता हैं. कुछ युवा और भी सरकारी नोकरियो में लगने के प्रयास  हुए लगे हुए हैं.

गॉंव में एक दो लोगो का  प्राइवेट स्कूल हैं. जो की पास के गांव  डावरा में है  आठवीं तक हैं.  कुछ लोग  प्राइवेट स्कूलों   में पढ़ाते  हैं जो की  इनलोगो के  रोजगार का जरिया हैं.
गॉंव के ही युवा टूरिस्ट ड्राइवर के कार्यो में लगे हुए हैं.  रोजगार टूरिस्ट ड्राइविंग से होता हैं. गांव  में एक परिवार के पास बस भी हैं जिसका फायदा गॉंव वालो को भी हैं और जिस परिवार की हैं उसको भी हैं. बस जॉइंटरा से जोधपुर रूट  पर चलती हैं.

बाकि लोग गॉंव में खेती और अन्य जरुरी कामो में बड़ी मजूरी करते हैं. गॉंव में नरेगा से भी कई परिवारों के घर चलते हैं. कुछ लोग गॉंव से बहार शहरों में अपने अपने तय कार्यो को करते हैं. कुछ लोगो के मिठाई  का व्यापार  और दुकाने हैं एक दो की पुराने समय से हैं.
कुछ लोग कारीगरी अर्थात मकान  बनाने का काम करते हैं और मकानों के ठेके लेते हैं.

जोइन्तरा गॉंव में राजपूत,साद,मेघवाल ,गर्ग,नाई, व् हरिजन जातीय पूर्ण भाईचारे के साथ रहती हैं और समय समय शादी विवाह से लेकर मौत मरतंग और अन्य सभी कार्यो में एक दूसरे के साथ खड़े होकर गॉंव को सुखी और समृद्ध बनाकर चलने में लगे हुए हैं.

लेखक परिचय


मोती सिंह राठौड़
जोइन्तरा - 9665151996(WhatsApp)  7020654349 Calling
Film & TV Serial Writer with Film Location Hunter.
Social Worker







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